मेरे लहजे में जी हुजुर न था,
इसके अलावा मेरा कोई कसूर न था,
अगर पल भर को मैं भी बे-जमीर हो जाता,
यकीन मानिये मैं भी कब का वजीर हो जाता…!
जो लोग पद के लिए महिलाओं का सहारा लेते हैं, महिलाओं को आगे कर पद के लिए गिड़गिड़ाते हैं, जो लोग चुनाव के लिए ताल ठोक रहे थे, चुनाव की घोषणा के बाद हार के भय से चुनाव अधिकारीयों को ख़ुदकुशी की धमकी देकर रेलवे स्टेशन की और दौड़ रहे थे, किस्मत का खेला देखो दुबारा उन्हें चुनाव चिन्ह भी इंजन ही मिला, मगर भाग्य में हार लिखी थी, इसलिए 19 वोट लेकर भाग छुठे, वो लोग भी सामाजिक मंच पर ज्ञान बाँट रहे हैं…!
👉 सुरेश कुमार व्यास ✍️
👉 सिखवाल समाचार ®️






