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अजमेर पुष्कर स्थित समाजहित हेतु ली गयी भूमि पर कानूनी विजय…,

अजमेर पुष्कर स्थित अखिल भारतीय सिखवाल ब्राह्मण महासभा न्यास द्वारा 2016 में समाजहित हेतु ली गयी भूमि पर कानूनी विजय: समाज की एकता और जागरूकता की मिसाल कह सकते हैं…!

समाजहित में खरीदी गयी कोई भी भूमि केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं होती, बल्कि वह समाज की आस्था, भविष्य और सामूहिक अधिकारों का प्रतीक होती है, जब ऐसी भूमि पर किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होता है, तब वह केवल कानूनी लड़ाई नहीं रहती, बल्कि समाज के सम्मान, अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई बन जाती है, इस अस्तित्व की लड़ाई के लिये विरोध के स्वर भी सुनाई देते हैं, जब भी किसी विषय पर विरोध बढ़ने लगता हैं, तो अस्तित्व के लिए लड़ने के लिए नये जोश से मेहनत करनी पड़ती हैं, आदरणीय संपत जी कंदोई ने इस लड़ाई को अपनी पूरी लगन, निष्ठा से लड़ते हुए, सभी का मनोबल बढ़ाया…!

समाजहित में बहुउपयोगी भूमि पर मिली कानूनी विजय ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि नायक ईमानदार हो तथा समाज संगठित, जागरूक और सत्य के मार्ग पर अडिग रहे, तो न्याय अवश्य प्राप्त होता है, कुछ वर्षों तक चले इस संघर्ष, दस्तावेजों की मजबूती, कानूनी प्रक्रिया में धैर्य और समाजजनों की एकता ने अंततः सत्य को विजय दिलाई…!

यह विजय भले ही किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जीत है, यह उन सभी समाजबंधुओं के त्याग, सहयोग और विश्वास का परिणाम है, जिन्होंने बिना स्वार्थ समाजहित को सर्वोपरि माना, इस संघर्ष ने यह भी सिखाया कि समाज की संपत्ति और अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी जागरूकता अत्यंत आवश्यक है…!

आज आवश्यकता इस बात की है कि इस विजय को केवल उत्सव तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे समाज में जागरूकता और संगठन की प्रेरणा बनाया जाए, समाजहित की भूमि का सदुपयोग शिक्षा, संस्कार, सामाजिक गतिविधियों और भावी पीढ़ी के विकास के लिए होना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस संघर्ष और विजय को गर्व से याद कर सकें…!

कानूनी विजय यह संदेश देती है कि जब भी कोई सामाजिक शोषण करने का प्रयास करें, तो सामाजिक हित में आवाज उठानी चाहिए तथा सत्य को समाज के समक्ष रखने के लिए आगे आना ही चाहिए, क्यूँकि “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं…!”

जब समाज एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए खड़ा होता है, तब न्याय की जीत निश्चित होती है…!

पुनः एक बार अखिल भारतीय सिखवाल ब्राह्मण न्यास पुष्कर के अध्यक्ष श्री संपतलालजी कंदोई के प्रयासों को कोटि-कोटि साधुवाद एवँ न्याय के लिए लड़ने वाले जयपुर उच्च न्यायालय अधिवक्ता श्री देवेंद्रजी सुखवाल, जगदीशजी माणमिया, साँवरलाल जी व्यास खूँटिया, अन्य सभी सहयोगियों का ह्रदय से आभार, जिनके अथक प्रयासों का परिणाम ही हैं कि उच्च न्यायालय से विजय श्री का वरदान हासिल हुआ…!

👉 सिखवाल समाचार ®️
👉 सुरेश कुमार व्यास “जानम” ✍️
👉 सत्य का “दर्पण” 🪞 समाज को “अर्पण” 👏

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